Meri Awesome Chudai Valentine Day Par

Meri Awesome Chudai Valentine Day Par Hi guys mera naam tasha hai. Mei NRI hun. Mujhe sex stories padhna and sex krna bohot pasand hai. And ye story meri recent chudai(sex) Ki hai 14 feb ki. let me tell you about myself mei 5’3 height hoon 36d boobs,30 waist and 36 ass. I have a wheatish complexion. So let me start my story. Yeh baat iss 14 feb ki hai valentine day ki hai. mei waise toh single hun but I hook up very often. Uss din mei bohot horny feel kar rahi thi mei already 2 time dildo se cum kr chuki thi but pta nahi kyu meri chut shaant nahi ho rahi. Apna mind divert karne k liye meine mere friends k haath sham ko party ka plan kia.meine ek deep neck waali sequence dress pehni thi aur push up bra se mere boobs aur big aache lag rahe thy..Sab log kaafi drunk thy aur meine sabse kum pi thi. Hum sab log mere friend k farm house pe ruke (ritvik) ritvik aur mei kaafi purane friends hai. Usmei mujhe kaafi baar ask out kia hai but meine m...

रात के अँधेरे में पड़ोसन आंटी को होदा

रात के अँधेरे में पड़ोसन आंटी को होदा

हैलो दोस्तो, मेरा नाम रणवीर शर्मा है, मैं मुंबई का रहने वाला हूँ, मेरी उम्र 23 साल है। मैं आर्मी की तैयारी कर रहा हूँ। आप समझ सकते हैं कि मैं कैसा दिखता होऊँगा।
मैं अपनी एक सच्ची आपबीती आप सबको बता रहा हूँ। ये बात 3 साल पहले शुरु हुई थी।
मेरे पड़ोस में एक आंटी हैं, उनका नाम सरिता है। क्या कमाल की माल हैं। एकदम गोरी, लम्बाई 5 फुट 6 इंच, फिगर तो पूछो ही मत। उनकी दूध इतनी बड़ी हैं कि पकड़ में ही नहीं आएं।
छूतड़ों को हिलते हुए देखो तो मुँह मैं पानी आ जाए.. जब चलती हैं तब लगता है कि तूफान आ जाएगा। उम्र की बात करो तो उनका बड़ा लड़का मुझसे 1 साल का छोटा है। मगर आज भी उनको देखो तो लगती हैं कि 32 साल की हैं।
शुरु-शुरु मैं जब उनके घर जाता तो उनको देखता ही रह जाता था।
तभी मैं उनके घर सुबह के समय जाने लगा, जब वह नहा रही होती थीं।
उनका भीगा और आधा नंगा जिस्म देख कर मेरे मुँह और हण्ड दोनों में पानी आ जाता था। दूध पर चूचुकों को देख कर ऐसा लगता था कि मानो चाँद पर दाग हों, मैं छुप-छुप कर उनको देखता था।
वो सिर्फ ब्रा और फंती पहनकर नहाती थीं और उसके बाद पूरी नंगी होकर दूध और छूत पर मालिश करती थीं।
यह देख मैं मुठ मारने लगता। जिसके कारण मुझे मुठ मारने की आदत पड़ गई।
मैं हमेशा उनके बारे मैं सोचता था और मेरा माल गिर जाता था।
उन्हीं के कारण मैं अति-उत्तेजित होकर कभी-कभी रंडियों के पास भी चला जाता था। गर्मी के मौसम में वो ब्लाउज और पेटीकोट में ही रहती थीं। उनके ब्लाउज के ऊपर के दो हुक खुले रहते थे और ब्रा बहुत ही कसी हुई होती थी, जिस कारण उनकी दूध को देख कर लगता था कि ब्लाउज और ब्रा फाड़कर बाहर आ निकल आएगीं।
पेटीकोट पतला होने का कारण कभी-कभी रौशनी में उनकी छूत पर उगे हुए छोटे-छोटे झांट के बाल और उनकी गोरी जांघें दिखाई देती थीं। एक बार मैं उनके घर दिन में गया, उस दिन गर्मी बहुत थी जिस कारण वे सिर्फ पेटीकोट पहने हुई थीं और उसे भी ऊपर करके बैठी थीं।
जिस कारण उनकी आधी दूध और एकदम गोरी आधी जांघें साफ़ दिख रही थीं। वे बैठ कर पंखा झल रही थीं। थोड़ी देर में बत्ती आ गई, वो पलंग पर लेट गईं और मैं वहीं पर टीवी देखने लगा।
थोड़ी देर के बाद एकाएक मेरी नजर उन पर पडी, मैंने देखा कि वे सो गई थीं और पंखा चलने के कारण उनका पेटीकोट और ऊपर को उठ गया था। जिस कारण से उनकी छूत साफ-साफ दिख रही थी। उनकी बुर एकदम पावरोटी के जैसी फूली हुई लाल-लाल चिकनी दिख रही थी।
उन्होंने आज ही झांटें साफ की थीं। यह देखकर मेरा हण्ड खड़ा हो गया। मेरा मन तो हुआ कि अभी इनकी हुदाई कर दूँ, लेकिन डर भी रहा था। मैं तुरन्त उठा और उनके बाथरुम में जाकर मूठ मारने लगा।


उनकी ब्रा और फंती वहीं पर पड़ी हुई थी। जिसको उठा कर मैं चूमने लगा उसमें से परफ्यूम की महक आ रही थी। मैंने अपने हण्ड का सारा माल उनके ब्रा और फंती पर गिरा दिया और वापस आ कर टीवी देखने लगा। अब यह मेरा रोज का काम हो गया था।
कुछ दिन पहले की बात है उन्होंने मुझे बुलाया और कहा- आज रात को तुम मेरे घर पर ही सो जाना। हम सभी एक शादी में जा रहे हैं।
मैंने उनकी बात मान ली और रात में उनके घर चला आया। अभी वे तैयार हो रही थीं। मैं चुपचाप उनके घर में घुस गया, उनके कमरे का दरवाजा बंद था। दरवाजे में एक छेद था। मैंने झांक कर देखा तो वो बिल्कुल नंगी थीं।
मैं देख कर पागल हो रहा था। वो अपने शरीर पर मालिश कर रही थीं, कभी अपने दूध को मलतीं तो कभी अपनी छूत में उँगली डालकर हिला रही थीं और सिसकारियां भर रही थीं। यह देख कर मेरा माल अपने आप गिर गया। मगर वो अभी ऊँगली कर रही थीं।
थोड़ी देर बाद वो भी झड़ गईं। उसके बाद उन्होंने अपनी छूत को पौंछा और कपड़े पहनने लगीं। मैं वहाँ से हट गया। थोड़ी देर बाद तैयार होकर कमरे से निकलीं। वे गजब की कामुक लग रही थीं।
उन्होंने गुलाबी रंग की साड़ी और ब्लाउज में उजले रंग की बिल्कुल कसी हुई ब्रा पहनी हुई थी, जिस कारण से उनकी दूध बाहर निकली हुई थीं। साड़ी का पल्लू थोड़ा सा हटा हुआ था, जिससे गोरी और बड़ी दूध का दर्शन साफ़-साफ़ हो रहा था।
मेरा मन किया कि उनकी दूध को पकड़ कर दांत से काट लूँ। उनकी इस अदा को देख कर किसी का भी माल अपने आप गिर जाए।
तभी उन्होंने मुझसे सेक्सी अदा से कहा- तुम्हारा गला सूख रहा है, पानी दूँ क्या?
मैंने कहा- हाँ..।
उन्होंने मुझको पीने के लिए पानी दिया और वो घर में बाहर से ताला लगा कर शादी में चली गईं। मैं भी सो गया। मुझे बहुत गहरी नींद आ रही थी। रात मैं मैंने महसूस किया कि कोई मेरे हण्ड को सहला रहा है, मैंने धीरे से आँख खोल कर देखा तो वह आंटी थीं।
मैं तो दंग रह गया और मैं मस्त भी था सो चुपचाप लेटा रहा। आंटी ने मेरा पैन्ट उतार दिया और मेरे हण्ड को लेकर चूमने लगीं।
उसके बाद उन्होंने अपनी साड़ी, ब्लाउज और ब्रा को उतारा और अपनी दोनों दूध के बीच में मेरा हण्ड फंसा कर हिलाने लगीं। मेरा हण्ड एकदम खड़ा और मोटा हो गया था, कुछ देर बाद उन्होंने अपना पेटीकोट और फंती भी उतार दिया।
वो अब मेरे सामने बिल्कुल नंगी थीं। उसके बाद उन्होंने मेरे हण्ड में हण्डोम पहनाया और मेरी जांघ पर बैठ कर अपनी छूत में हण्ड डालने लगीं। मैंने धीरे से आँख खोल कर देखा कि उनकी दूध उछाल मार रही थीं मानों जैसे कोई फुटबॉल से खेल रहा हो। लगभग 15 मिनट बाद मैं झड़ गया। उन्होंने मेरे हण्ड से हन्डोम निकाला हण्ड को मुँह में लेकर हूसने लगीं।
उसके बाद आंटी उठीं और अपने कपड़े लेकर अपने कमरे में चली गईं।
मुझे ऐसा लग रहा था कि मैं जन्नत में होऊँ। उसके बाद मुझे नींद नहीं आ रही थी। मैं आंटी के कमरे के नजदीक गया, देखा कि आंटी नंगी लेटी हुई हैं। यह देख मेरा हण्ड फिर से खड़ा हो गया।
मैं आंटी के पास चला गया और उनकी दूध को सहलाने लगा, तो उनकी नींद खुल गई और उठ कर बैठ गईं।
वो गुस्सा करते हुए अपनी दूध और छूत को हाथ से ढकते हुए बोलीं।
आंटी- ये क्या कर रहे हो?
मैं- वही जो कुछ देर पहले आप मेरे साथ कर रही थीं।
आंटी- मैंने क्या किया?
मैं- मेरे पानी में नींद की दवाओं को डालकर पिला दिया, घर में कोई नहीं था, सो मुझे जल्दी नींद लग गई जब मुझे हल्का होश आया तो देखा कि आप पूरी नंगी हो कर मेरे हण्ड को अपनी छूत में डाल रही हैं और मस्ती कर रही हैं।
आंटी- ओह.. तो तुम जग गए थे।
मैं- हाँ.. और मैं मजा ले रहा था, अब मेरी बारी है।
मैंने उनके हाथ को हटा कर उनकी दूध को और छूत को सहलाने लगा। उनकी नाभि लगभग दो इंच गहरी थी, मैं उसे चूमने लगा।
फिर मैं रसोई में जाकर थोड़ी सी मलाई लाया और उनके नंगी शरीर पर लगा कर छाटने लगा। आंटी मेरे हण्ड को पकड़ कर सहलाने लगीं और बोलीं- मेरी छूत को छाटो।
मैं उनकी छूत को छाटने लगा, मुझे बड़ा मजा आ रहा था। आंटी बोल रही थीं, “तुम्हारे अंकल तो हमेशा काम से बाहर ही रहते हैं जिस कारण मेरी प्यास पूरी नहीं बुझती है, आज तुम ही मेरी प्यास बुझाओ।”
मैं उनको चूम-छाट रहा था और उनके मुँह से सिसकारी निकल रही थी।
“जल्दी मेरी हुदाई करो.. मुझसे बर्दास्त नहीं हो रहा है..।”
लगभग 15 मिनट बाद मैंने उनसे एक कन्डोम माँगा तो वो बोलीं- मुझे बिना कन्डोम के ही होदो।
मैं पलंग पर चढ़ गया और अपनी ऊँगली उनके छूत में डाल कर हिलाने लगा। तो आंटी बोलीं- ऊँगली से नहीं हण्ड से होद साले।
मैं अपना हण्ड उनकी छूत में डाल कर हुदाई करने लगा और अपने हाथों से उनकी दूध को मसलने लगा।
आंटी बोलीं- और कस के होद..।
मैं और जोर से हुदाई करने लगा, कुछ देर बाद मैं झड़ने वाला था।
मैंने आंटी से कहा- मैं झड़ने वाला हूँ।
आंटी बोलीं- मेरी छूत में ही झड़ जाओ मैंने ऑपरेशन करा लिया है।
3 मिनट बाद मैं झड़ गया और आंटी भी झड़ गई थीं। कुछ देर हम दोनों चिपके रहे। फिर हम दोनों नंगे ही सो गए। सुबह जब मैं जगा तो आंटी सिर्फ ब्रा और फंती पहन कर घर की सफाई कर रही थीं। यह देख कर मेरा हण्ड फिर खड़ा हो गया। मैंने जाकर आंटी की दूध को सहलाने लगा।
आंटी बोलीं- फिर से हुदाई करने का मन है?
मैंने कहा- अंकल की कमी मैं पूरी कर दूंगा।

फिर हम दोनों बाथरुम में गए, आंटी ने मुझे और मैं आंटी को नहलाने लगा। उनकी गोरी-गोरी छूत, दूध और छूतड़ों में साबुन लगा कर मलने लगा। फिर मैंने फर्श पर लेट कर उनकी हुदाई की, जब मैं झड़ गया तो उसके बाद हम दोनों नहा कर बाहर आ गए।


फिर मैंने आंटी को कपड़े पहनाए और उसके बाद साथ में नास्ता किया और अपने घर चला गया। अगले दिन मैंने उनको एक पारदर्शी नाइटी गिफ्ट दे दी।
अब भी कभी-कभी अंकल और उनके लड़के के नहीं रहने पर, मैं उनकी और अपनी प्यास बुझाता हूँ।
तो दोस्तों मेरी कहानी कैसी लगी कमेंट में जरुर बताना।

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